कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट
कोण्डागांव, 12 नवम्बर 2025/* कोंडागांव वनमंडल अंतर्गत वनमंडलाधिकारी, वनमंडल कोंडागांव के नवीन कार्यालय भवन निर्माण का भूमिपूजन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य एवं बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक, कोंडागांव सुश्री लता उसेण्डी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। सर्वप्रथम वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा वनमंडल के नवीन कार्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी गई शिलान्यास उपरांत सुदूर अंचल ग्राम हिरामांदला से आये वन प्रबंधन समिति हिरामांदला के सदस्यों को आस्था मूलक योजना के तहत् मिनी राईस मिल (धन कुट्टी मशीन) प्रदान की गई तथा ग्रामीणजनों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए सदस्यों को धन कुट्टी मशीन का स्थापना उपरांत सावधानी के साथ उपयोग करते हुए आपसी सामंजस्य के साथ अपनी आय में वृद्धि करने हेतु शुभकामना दी।
वनमंत्री द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया, कि वनमंडल कार्यालय का बहुप्रतिक्षित नवीन भवन निर्माण कार्य स्वीकृत होने एवं उसके निर्माण से वन विभाग के कर्मचारियों को शासकीय कार्यों के सम्पादन में सहुलियत होगा तथा अधिकारी और कर्मचारियों में कार्य करने के प्रति मनोबल बढ़ेगा। वन विभाग शासन का महत्वपूर्ण विभाग है। इस विभाग से क्षेत्र के ग्रामीणजनों की प्रगति की काफी संभावनाओं की उम्मीदें रहती हैं। कोंडागांव वनमंडल द्वारा मर्दापाल में देवगुड़ी दरबार तथा पुसपाल के परोदा में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने एवं स्थानीय निवासियों हेतु रोजगार सृजन के उद्देश्य से वन परिक्षेत्र मर्दापाल एवं कोंडागांव के अंतर्गत पुसपाल वैली व्यू पॉईंट एवं भंवरडीह नदी में रिवर-राफ्टिंग गतिविधि विकास कार्य तथा जैव विविधता एवं मर्दापाल में देवगुड़ी दरबार विकास कार्य कराये जाने हेतु 7.62 करोड़ रूपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसकी स्वीकृति जल्द ही प्राप्त कर प्रस्तावित कार्य को मूर्त रूप प्रदान किया जायेगा, जिससे स्थानीय लोगों को सुनिश्चित आय का एक माध्यम निर्मित होगा। वन मंत्री द्वारा वनक्षेत्रों में अवैध कटाई, अवैध अतिक्रमण से संबंधित वन अपराध की रोकथाम हेतु ग्रामीणजनों एवं आम जनता से अपील की गई है तथा वन अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है, कि वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी अवैध वनोपज से संबंधित व्यवसायिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखते हुये नियंत्रण किया जाए।
कोंडागांव वनमंडल अंतर्गत विगत 02 वर्षों में संयुक्त वन प्रबंधन समिति के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को आयमूलक कार्य तथा चक्रीय निधि के द्वारा रोजगारमूलक कार्य हेतु लोन के माध्यम से रोजगार देने हेतु प्रेरित किया जाता है। किसान वृक्ष मित्र योजना के द्वारा भी हितग्राहियों के निजी भूमि में पौधा रोपण कार्य कर लाभ दिया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में मुख्यमंत्री किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत् कुल 892 हितग्राहियों के 1237.96 एकड़ निजी भूमि में कुल 11,88,590 लाभकारी पौधों का रोपण किया गया है, जिससे आगामी वर्षों में उन्हें एक निश्चित आमदनी प्राप्त होगी। साथ ही इस वनमंडल के अंतर्गत 05 वनधन केन्द्र स्थापित किये गये हैं, जिसके माध्यम से ग्रामीणजनों एवं स्व-सहायता समूहों के द्वारा वनक्षेत्रों से वनोपज संग्रहण कर प्रसंस्करण करते हुये लाभ प्राप्त किया जा रहा है।
ग्रामीणजन एवं स्व-सहायता समूहों द्वारा कोदो, कुटकी, रागी आदि का संग्रहण कर प्रसंस्करण कार्य लगातार किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में 714.38 क्विंटल मिलेट्स प्रसंस्करण कर भण्डारित किया गया है, जिससे स्व-सहायता समूहों को सतत् लाभ प्राप्त हुआ है। आगामी समय में प्रसंस्करण केन्द्रों का उन्नयन करते हुए समूहों को अधिक लाभ देते की कोशिश की जायेगी, जिसके तहत् इमली ब्रिक्स निर्माण, इमली कैण्डी निर्माण, तिखुर प्रसंस्करण कर पैकेजिंग कार्य किया जावेगा। तिखुर प्रसंस्करण हेतु इस वनमंडल में वर्तमान में 50 हेक्टेयर तिखुर वृक्षारोपण तैयार है तथा इस वनमंडल के द्वारा राज्य शासन की योजना के तहत् विगत वर्ष में 500 हेक्टेयर वनौषधि रोपण कार्य किया गया है, जिसे आगामी वर्षों में 5000 हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिससे ग्रामीणजनों को वनौषधि एवं वनोपज के माध्यम से अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
इस वनमंडल के अंतर्गत जिला लघु वनोपज संघ के माध्यम से राज्य शासन की योजनाओं के तहत् कुल 29565 तेन्दूपत्ता संग्राहकों के द्वारा 12813 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण किया गया, जिसका पारिश्रमिक उन्हें 7,04,76,637 रूपये का भुगतान डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में सीधे भुगतान किया गया। साथ ही राजमोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना के तहत् 06 प्रकरणों में 7,33,000 रूपये का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। छात्रवृत्ति योजना के तहत् 81 छात्र-छात्राओं को 9,62,000 रूपये का भुगतान किया गया है।
विभागीय योजनाओं के माध्यम से भी वानिकी कार्यों में लगे श्रमिकों को विगत 02 वर्षों में प्रतिमाह लगातार औसतन 2000 श्रमिकों को 25 से 30 हजार मानव दिवस रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें राज्य एवं केन्द्र शासन की मंशा के अनुरूप सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से उनके पारिश्रमिक को उनके खातों के माध्यम से कुल 32.50 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। विधायक सुश्री लता उसेण्डी ने अपने संबोधन में कहा कि निश्चित तौर पर संसाधन के अभाव में कई बार कार्य प्रभावित होते हैं। संसाधनों का होना बहुत जरूरी है जिसमें एक नया आयाम देने का कार्य हमारे इस कोंडागांव में वनमंत्री के नेतृत्व में शुरू हो रहा है।
वन विभाग के समस्त अधिकारी और समस्त कर्मचारियों को बधाई दी। उक्त भूमिपूजन कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम, नगरपालिका परिषद् अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, नगरपालिका परिषद् कोंडागांव के उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेण्डी, पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम, श्री दीपेश अरोरा, श्री मनोज जैन, श्री बालसिंह बघेल, श्री कुलवंत चहल, श्री जितेन्द्र सुराना सहित मुख्य वन संरक्षक कांकेर वृत्त श्री राजेश कुमार चंदेले (भा.व.से.), जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई साथ ही कोंडागांव नगरपालिका के पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण, वन विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी की गरिमामयी उपस्थिति में नवीन भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम उपरान्त श्री चूड़ामणी सिंह (भा.व.से.), वनमंडलाधिकारी, कोंडागांव वनमंडल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुये अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।








