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लूट के बाद फरार थे आरोपी, गरियाबंद पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में किया गिरफ्तार – स्कूटी, मोबाइल और नकदी बरामद

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गरियाबंद से नूतन साहू की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले में पुलिस ने एक सनसनीखेज लूटकांड का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया है। इनमें से एक बालक ‘विधि से संघर्षरत’ है, जबकि दूसरा युवक डोंगरीगांव का रहने वाला है। इस पूरी घटना की शुरुआत एक बर्थडे पार्टी से हुई, जो बाद में एक अपराध कथा में बदल गई।



बर्थडे पार्टी से लौटते वक्त हुई लूट

26 जून 2025 की रात युवराज गढ़िया नाम का युवक अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल पर बर्थडे पार्टी से लौट रहा था। रात करीब 9:30 बजे वे केशोडार तंवरबाहरा के पास एक चट्टान के पास रुके, जहां किसी को बाथरूम जाना था। माहौल शांत था, लेकिन अचानक रात के सन्नाटे को चीरते हुए स्कूटी पर सवार दो युवक वहां पहुंचे।

उनमें से एक ने चाकू जैसा धारदार हथियार निकाल कर युवराज और उसके दोस्तों को धमकाया – “जो भी सामान है, निकालो नहीं तो जान से मार देंगे!” गालियों और मारपीट के बीच उन्होंने युवराज की जेब से दो मोबाइल फोन (रियलमी और टेक्नो) और ₹3100 की नकदी लूट ली। लूट के बाद दोनों स्कूटी पर सवार होकर कोकड़ी की ओर फरार हो गए।


स्कूटी से मिली लुटेरों की पहचान

घटना की सूचना मिलते ही थाना गरियाबंद की पुलिस टीम एक्टिव हो गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने सबसे पहले उस स्कूटी की पहचान की, जिसे लूट की वारदात में उपयोग किया गया था। स्कूटी के रजिस्ट्रेशन से कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए पुलिस डोंगरीगांव के राजा बांगड़े तक पहुंची।

पूछताछ में राजा ने कबूल किया कि लूट की योजना उसने अपने एक नाबालिग साथी के साथ मिलकर बनाई थी। राजा ने लूट के बाद ₹1800 खर्च कर दिए थे और ₹1300 तथा मोबाइल फोन उसके पास ही थे। वहीं स्कूटी उसके नाबालिग साथी के पास रखी गई थी।



मोबाइल और नकदी जब्त, पुलिस को मिली सफलता

गरियाबंद पुलिस ने न केवल राजा बांगड़े को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन और ₹1300 नगद भी बरामद किए। साथ ही घटना में प्रयुक्त स्कूटी को भी विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से गवाहों के समक्ष जब्त किया गया।


गिरफ्तार आरोपी:

1. राजा बांगड़े पिता कैलाश बांगड़े, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम डोंगरीगांव, जिला गरियाबंद।


2. विधि से संघर्षरत बालक – नाम गोपनीय रखा गया है।



गरियाबंद पुलिस की मुस्तैदी से खुला मामला

इस पूरी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि गरियाबंद पुलिस अपराधियों को चैन से नहीं बैठने देती। एक मामूली से सुराग – एक स्कूटी – के दम पर पुलिस ने कुछ ही दिनों में लूटकांड को सुलझा लिया और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

इस कार्यवाही के लिए थाना गरियाबंद की पुलिस टीम को बधाई दी जा रही है।




जनता से अपील:
अगर आपके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि हो, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। आपकी सतर्कता और सहयोग से ही अपराध पर लगाम संभव है।

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