विनोद देवांगन रायपुर। नगर निगम जोन-3 के गुरू गोविंद सिंह वार्ड स्थित गांधी नगर मुक्तिधाम के उन्नयन कार्य में लापरवाही और निर्माण गुणवत्ता में गंभीर खामियों को लेकर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नर रमेश जायसवाल ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष नवंबर में मुक्तिधाम में सीसी नाली और अन्य विकास कार्यों के लिए लगभग 6 लाख रुपये का ठेका मेसर्स एटी कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। कार्य को पांच महीने में पूरा करना था, लेकिन आठ महीने बीतने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हो सका।
गुणवत्ता में भारी खामी, ठेकेदार को चेतावनी
जोन कमिश्नर रमेश जायसवाल के मुताबिक, स्थल निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। खासकर नाली निर्माण में ढाल और बेस की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसके चलते ठेकेदार को तीन दिनों के भीतर खराब कार्य तोड़कर दोबारा मापदंड अनुसार निर्माण करने का नोटिस दिया गया है।
यदि निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं हुआ तो ठेका निरस्त कर एजेंसी को काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई है।
उपअभियंता को कारण बताओ नोटिस
मुक्तिधाम कार्य की देखरेख की जिम्मेदारी जोन-3 की उपअभियंता श्रीमती ऋतु श्रीवास्तव को सौंपी गई थी। लेकिन निरीक्षण में यह पाया गया कि उन्होंने मौके पर सतत निगरानी नहीं रखी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने में लापरवाही बरती। इसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण टीम ने खोली पोल
यह कार्रवाई आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर कार्यपालन अभियंता सुशील गोडेस्टस, सहायक अभियंता नरेश साहू और जोन कमिश्नर रमेश जायसवाल की टीम द्वारा मौके पर किए गए निरीक्षण के बाद की गई। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि ठेकेदार द्वारा कार्य तय मापदंडों के अनुसार नहीं किया जा रहा है, और उपअभियंता की ओर से कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है।
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।








