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राकेश सोनटेके जी मृत्यु उपरांत शरीर को देहदान करने का निर्णय लिया जानिए क्यों??

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दल्लीराजहरा से अंकित टाटिया की रिपोर्ट..

दल्ली राजहरा और जिला बालोद के लिए बहुत ही गौरव की बार है  राकेश सोनटेके जी मानवता के कल्याण के लिए 34 बार अपना रक्तदान कर चुके है वें इस बार अपने 35वे जन्मदिन के अवसर पर अपने इच्छाशक्ति से मृत्यु उपरांत शरीर को न जलाकर उसे मेडिकल कालेज में चिकित्सा  पढ़ाई हेतु देहदान करने का निर्णय लिया है सोनटेके जी का कहना है कि नाशवान शरीर को एक दिन नाश होना है लेकिन नाश होने से पहले इस शरीर का उपयोग मानवता के कल्याण होना चाहिए और आज के युवा पीढ़ी के लिए  प्रेरणा स्रोत के रूप में सभी लोगों के जीवन में ऐसे नेक कार्य करने प्रेरित कर रहे है और अपने 35वे जन्मदिन के उपलक्ष्य में घोषणा पत्र  भरकर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आदरणीय दिव्या मिश्रा मैडम  जिलाधीश एवं अध्यक्ष रेडक्रास बालोद को सुपुर्द किया, इस अवसर पर उपस्थित  जिलाधीश मैडम ने सोनटेके जी को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत बड़ा कदम है दृढनिश्चय हो तो हर कोई इस कार्य को कर सकता , जिलाधीश महोदया ने अंगदान करने के लिए लोगों को जागरूक करने की बात कही । मृत्यु के पश्चात घर वाले बाॅडी जला देते हैं जिससे कोई लाभ नहीं मिलता,  पर मेरी बाॅड़ी मेडिकल कालेज राजनांदगांव को दान में देंगे तो हजारों बच्चे इस शरीर का प्रयोग करके छत्तीसगढ़ में चिकित्सा के स्तर में और अधिक उन्नति होगी
इस पुनीत कार्य के लिए रेडक्रास राज्य चेयरमैन रायपुर तोमन साहु, जिला चेयरमैन बालोद डॉ प्रदीप जैन, कमला वर्मा उप सभापति, रूपनारायण देशमुख कोषाध्यक्ष, दिनेश तापड़िया, शशिकला देशमुख, शरद ठाकुर, सीमा सुशील जामवन्ते, लिली पुष्पा इक्का, मधुमाला कौशल, कादम्बिनी यादव, संजय बंजारे, बाबी छतवाल, किशोर कराड़े  ने ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं।

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