कोण्डागांव से बन्नूराम यादव की रिपोर्ट
18 शिक्षकों का हुआ सम्मान
राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका: विधायक सुश्री उसेंडी
कोण्डागांव ! स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुश्री लता उसेंडी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। समारोह में जिले के 18 शिक्षकों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उत्कृष्ट प्राचार्य, ज्ञानदीप, शिक्षा दूत और उत्कृष्ट प्रधान पाठक की श्रेणी में सम्मानित किया गया। साथ ही 65 सेवानिवृत्त शिक्षकों का भी सम्मान किया गया।
विधायक सुश्री उसेंडी ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में उनकी अहम भूमिका होती है। शिक्षक नई पीढ़ियों को तैयार करते हैं, समाज को सही दिशा दिखाते हैं और विद्यार्थियों को एक आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक भविष्य में भी बच्चों को सही मार्गदर्शन देकर मजबूत पीढ़ी का निर्माण करेंगे।
कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना ने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सम्मान से नई ऊर्जा मिलती है और कार्य के प्रति और लगन बढ़ती है। उन्होंने कहा कि जिले के कई शिक्षक अपने विद्यालयों को स्वप्रेरणा से संवार रहे हैं। शिक्षक विद्यालयों को मॉडल स्कूल बनाने की दिशा में कार्य करें, बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें, कम्प्यूटर व लाइब्रेरी की सुविधाएं विकसित करें तथा परिसर में औषधीय पौधों का रोपण कर विद्यार्थियों को उनसे परिचित कराएं। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। कलेक्टर ने विश्वास जताया कि शिक्षकों की मेहनत से अधिक से अधिक विद्यार्थी मेरिट सूची में स्थान पाएंगे और जिले का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेंडी, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री टोमेंद्र ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्री नंदलाल राठौर, श्री मनोज जैन, श्री दीपेश अरोरा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि और अपर कलेक्टर श्री चित्रकांत चार्ली ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान डीएमसी श्री ईमल बघेल और शिक्षा विभाग के समस्त अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।








