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मानवता की मिसाल: मैनपुर थानेदार ने असहाय वृद्ध महिला को दिलाया आशियाना

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पितेश्वर हरपाल गरियाबंद ।  जिले के थाना मैनपुर क्षेत्र से एक बेहद मानवीय और प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा ने इंसानियत और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है। कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे जीवन गुजार रही एक असहाय वृद्ध महिला को उन्होंने न केवल सहारा दिया, बल्कि सम्मानपूर्वक जीने का नया अवसर भी प्रदान किया।

खुले आसमान के नीचे गुज़र रही थी ज़िंदगी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त वृद्ध महिला लंबे समय से बिना किसी स्थायी आश्रय के खुले स्थान पर रह रही थी। ठंड बढ़ने के साथ उसकी स्थिति और भी चिंताजनक हो गई थी। मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा ने तुरंत संज्ञान लिया और महिला से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया।

वृद्धाश्रम जाने से किया इनकार

थाना प्रभारी द्वारा महिला को वृद्धाश्रम में सुरक्षित रखने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन महिला ने अपना क्षेत्र छोड़कर कहीं और जाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद थानेदार हुर्रा ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्णय लिया।

थानेदार ने खुद बनवाया छोटा घर

मानवता को सर्वोपरि रखते हुए थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा ने उसी स्थान पर वृद्ध महिला के लिए एक छोटा-सा पक्का आशियाना अपने प्रयासों से बनवाया। इसके साथ ही उन्होंने महिला की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राशन, बिस्तर, कपड़े और भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की।

भावुक हुई वृद्धा, दिया आशीर्वाद

जब वृद्ध महिला ने अपना नया घर देखा, तो वह भावुक हो उठी। उसने थाना प्रभारी को अपना बेटा बताते हुए ढेरों आशीर्वाद दिए। इस भावुक क्षण को देखकर थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा की आंखें भी नम हो गईं।

पुलिस के मानवीय चेहरे की हो रही सराहना

थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा के इस सराहनीय कदम की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल को पुलिस की मानवीय सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया है।

वर्दी में भी बसती है संवेदना

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस की वर्दी केवल कानून और सख्ती का प्रतीक नहीं, बल्कि उसमें करुणा, संवेदना और मानवता भी बसती है। मैनपुर थाना प्रभारी का यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

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