गरियाबंद से नूतन साहू की रिपोर्ट
वय वंदना कार्ड अभियान, मौसमी बीमारियों की रोकथाम और संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर विशेष जोर
गरियाबंद ! जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा आमजन को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार देने हेतु कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में श्री उइके ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि “जनता को समर्पण भाव से सेवाएं दें, योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन करें तथा मरीजों से सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं।”
वय वंदना कार्ड के लिए विशेष अभियान – बुजुर्गों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
बैठक में कलेक्टर ने 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदना कार्ड’ बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्ड पात्र वृद्धजनों को विशेष स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार प्रदान करेगा।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को दी जाए सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर ने मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रसव संस्थागत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “कोई भी गर्भवती या नवजात स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे, यह प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।”
मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सतर्कता जरूरी
डायरिया, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों को रोकने के लिए कलेक्टर ने सभी प्राथमिक, सामुदायिक एवं उपस्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, जिंक टैबलेट व जरूरी दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही फील्ड पर निगरानी के लिए अधिकारियों को नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए।
वनांचल क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें – सर्पदंश व मलेरिया को लेकर रहें अलर्ट
वन क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों एवं सर्पदंश की अधिकता को देखते हुए कलेक्टर ने वहां के स्वास्थ्य अमले को विशेष सतर्कता और सक्रियता के साथ कार्य करने की सलाह दी।
टीबी मुक्त जिला अभियान चलाने की तैयारी
कलेक्टर ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान प्रारंभ करने तथा आमजन को जागरूक करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य अधोसंरचना और दवाओं की व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में अस्पतालों में बिजली, पानी, सड़क तथा नलजल कनेक्शन की उपलब्धता की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कुपोषण और एनीमिया से लड़ाई – एनआरसी में भर्ती पर जोर
कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों को प्राथमिकता से न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) में भर्ती कर बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए। एनीमिक महिलाओं को गर्म भोजन और पोषण आहार देने पर भी बल दिया गया।
राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा – हर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कुष्ठ उन्मूलन, टीकाकरण, तम्बाकू नियंत्रण, क्षय रोग, कृमिनाशक वितरण एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की बात कही गई।
चिरायु दल के कार्य की समीक्षा – स्कूलों और आंगनबाड़ियों का नियमित निरीक्षण जरूरी
कलेक्टर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर जरूरतमंद बच्चों तक उपचार की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपस्थित अधिकारीगण
बैठक में अपर कलेक्टर श्री नवीन भगत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न, समस्त बीएमओ, बीपीएम, नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
निष्कर्ष:
कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने स्पष्ट कहा कि “स्वास्थ्य विभाग का हर सदस्य सेवा भाव से कार्य करे, मरीजों से मित्रवत व्यवहार बनाए और हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए।”
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जुटे अधिकारी – कलेक्टर उइके ने दिए स्पष्ट निर्देश








