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बालोद में जमीन घोटाले का पर्दाफाश, सरपंच पति गिरफ्तार

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ब्यूरो अंकित टाटिया ।कोतवाली थाना, बालोद में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें पांच व्यक्तियों—परसराम साहू (अचानकपुर), अश्वनी डडसेना (अंगारी), तरुण पाटिल (भोथली, अमलेश्वर), जगतराम साहू (ढौर, सेलूद), और लेखराम नेताम (ढौर, सेलूद)—पर जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। इन आरोपियों ने मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन की रजिस्ट्री करवाने का कृत्य किया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 318(4), 3(5), और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। प्राथमिक कार्रवाई में अश्वनी डडसेना, जो अंगारी ग्राम पंचायत की सरपंच ममता डडसेना के पति हैं, को गिरफ्तार कर लिया गया है।

शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें गठित की गई हैं, और लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच से पता चला है कि ये आरोपी लंबे समय से संगठित अपराधों में संलिप्त हैं। अश्वनी डडसेना और तरुण पाटिल के खिलाफ पहले भी अमलेश्वर, पाटन, और भिलाई नगर थानों में जालसाजी, धोखाधड़ी, और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हो चुके हैं।

परसराम साहू, जो रायपुर के सुंदर नगर का निवासी है, एक कुख्यात जमीन दलाल के रूप में जाना जाता है। इन व्यक्तियों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत भोले-भाले लोगों को ठगा और अवैध रूप से जमीन हड़पने की कोशिश की। कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक, बालोद ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि जालसाजी और धोखाधड़ी जैसे अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अश्वनी डडसेना का मामला विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि उनके परिवार के कई सदस्य भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। बताया जाता है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी ठगी का शिकार बनाया है।

यह व्यक्ति कथित तौर पर लोगों को डराने के लिए खुद को राष्ट्रीय स्तर का अपराधी बताता था, ताकि उसकी अवैध गतिविधियों को आसानी से अंजाम दिया जा सके। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा किया है। जमीन के सौदों में धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं ने लोगों को सतर्क कर दिया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे जमीन खरीदने या बेचने से पहले सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इस मामले में पुलिस और सबूत जुटाने में जुटी है, ताकि सभी आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जा सके। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक सबक है, बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है।

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