रिसाली l प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पूर्व रिसाली नगर पालिका में भाजपा पार्षदों की बैठक हुई जिसमें शहर सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया गया। इसके विरोध में नगर निगम रिसाली के कांग्रेस महामंत्री श्री चंद्रकांत कौर ने कहा कि नगर पालिका निगम रिसाली में भाजपा पार्षदगण सत्ता पाने की लालच में जोर लगा रहे हैं। लेकिन यह बात भूल रहे हैं कि जो लोग सत्ता के लालच मे हाय-तौबा किये हुऐ हैं, उन्हें समझ मे आना चाहिये कि जिस पद पर वे हैं वह पद पाने के लिए कांग्रेस को धन्यवाद देना चाहिये।
जिनकी वजह से नगर पालिका निगम बना तब यह मौका मिला। साथ ही हर वार्डों मे विकास देखने को मिला है।चंद्रकांत कोरे जी ने कहा कि तात्कालीन गृह-मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू जी ने कोई भेदभाव नहीं किया है।
भाजपा पार्षदों के वार्ड में जो मांग थी वह मांग पूरी करके भरपूर विकास भाजपा के वार्डों मे भी किया गया है। नहीं तो निगम बनने के पूर्व क्या हाल था इस रिसाली क्षेत्र का ,यह किसी से छुपा नहीं है। कांग्रेस का धन्यवाद आभार मानने के बजाय बुराई पर बुराई किये जा रहे हैं। कांग्रेस ने पद, प्रतिष्ठा दिया, विकास कार्य किया। और शहर सरकार का विरोध करने वाले, सत्ता के लालच में मान मर्यादा भुल बैठे हैं।उन्होंने कहा कि, इतना भी सत्ता का लालच सही नहीं है। और तो और यदि सत्ता मिल भी गई! खैर वैसे तो होगा नहीं; फिर भी विकास कार्य जो कांग्रेस ने किया है, उसका आधा भी विकास कर नहीं सकते अपने 5 साल के शासन काल में। रही बात बार-बार भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं तो क्या भाजपा दूध कि धुली है? जितने भी कार्य भाजपा ने किया है उसमें कितने भ्रष्टाचार किये हैं भाजपा ने, उसे पूरा देश जान गया है। बड़े बड़े पुल, पुलिया गिर गये। यहां तक कि राम मंदिर मे पानी अंदर टपक रहा है। राम मंदिर जाने के रास्तों को जाकर देखो, कितना भ्रष्टाचार किया गया है समझ मे आ जायेगा।
नगर पालिका निगम रिसाली एक वह निगम है जिसके बनते ही विकास ही विकास हुए हैं। वह भी हर वार्ड मे हुए हैं। बहुत ही कम समय मे किसी और नगर पालिका निगम मे नही हुवे हैं इतने विकास कार्य जितना नगर पालिका निगम रिसाली मे हुवे हैं।
जिसे जनता जानती है समझती है
कोरे जी ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह बात अलग है कि सरकार मे आ गये इसका मतलब यह नहीं कि नगर पालिका निगम को भी पाने के चक्कर में लग जाओ। उन्होंने कहा कि यदि कोई बात है, कोई कार्य नहीं हो रहे हैं तो महापौर के साथ बैठकर सलाह कर कार्य को सुचारू रुप से किया जा सकता है।
अब वह बात अलग है कि सत्ता का भुख सता रहा है तो क्या कह सकते हैं। वैसे एक बात तय है! सत्ता नहीं पा सकते हैं। कारण यह है कि, जो पार्षद बनें हैं उनका उनके वार्ड की जनता के साथ जो विश्वास पाया है वह विश्वास जनता से कोई भी पार्षद खोना नहीं चाहेगा।








