ब्यूरो नूतन साहू गरियाबंद ! फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एवं बलात्कार मामले) के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री यशवंत वासनीकर ने नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर भगाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी नेपाल बाघ पिता मुबने बाघ (यादव), उम्र 37 वर्ष, निवासी हल्दी, थाना चादाहाण्डी, जिला नवरंगपुर (उड़ीसा) को विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले की पृष्ठभूमि
विशेष लोक अभियोजक श्री एच.एन. त्रिवेदी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने थाना अमलीपदर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्ष 6 माह 23 दिन की नाबालिग पुत्री 9 और 10 जनवरी की रात को घर से बिना बताए गायब हो गई। खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। संदेह होने पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगाने की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान नाबालिग पीड़िता को तेलंगाना के ईंटा भट्ठी, खम्मन से आरोपी नेपाल बाघ के कब्जे से बरामद किया गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376(2)(द) भा.दं.वि., धारा 04 व 06 पॉक्सो एक्ट, तथा धारा 3(2)(ट) एससी/एसटी एक्ट के तहत न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने आरोप सिद्ध करने के लिए 20 गवाहों का बयान कराया।
न्यायालय का निर्णय
साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसके वैध संरक्षक की अनुमति बिना व्यपहरण किया और दुष्कर्म किया। यह कृत्य सामाजिक व्यवस्था को गम्भीर रूप से प्रभावित करने वाला पाया गया।
आरोपी नेपाल बाघ को निम्नानुसार दंड दिया गया—
एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(ट) – आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड
पॉक्सो एक्ट की धारा 06 – 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड
भा.दं.वि. की धारा 363 – 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड
धारा 366 – 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड
पीड़िता को प्रतिकर
न्यायालय ने घटना से हुई शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक पीड़ा को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर को निर्देश दिया कि नाबालिग पीड़िता को ₹4,00,000 की प्रतिकर राशि प्रदान की जाए।
दुष्कर्म के आरोपी को बीस वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड, पीड़िता को चार लाख रुपये प्रतिकर का आदेश
विशेष न्यायालय ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, आरोपी नेपाल बाघ दोषी करार








