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दुर्ग जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं को ई-कोर्ट व ई-फाइलिंग की ट्रेनिंग

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दुर्ग। न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक सुगम बनाने की दिशा में दुर्ग जिला न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उच्च न्यायालय की न्यायिक अकादमी के निर्देशानुसार अधिवक्ताओं हेतु ई-कोर्ट प्रोग्राम व कंप्यूटर स्किल एन्हांसमेंट प्रोग्राम (लेवल 1 एवं 2) का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 29 एवं 30 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक नवीन सभागार (खुर्सी ताल) जिला न्यायालय परिसर दुर्ग में आयोजित होगा।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिवक्ताओं को न्यायालयीन कार्यप्रणाली में तकनीकी साधनों का बेहतर उपयोग सिखाना, ई-कोर्ट मैनेजमेंट, डिजिटल फाइलिंग एवं ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं से जोड़ना है।

कोर्ट मैनेजर निधि दुआ ने दी ई-फाइलिंग की जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कोर्ट मैनेजर निधि दुआ ने अधिवक्ताओं को ई-फाइलिंग की प्रक्रिया और उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार अधिवक्ता तकनीक का उपयोग कर अपने कार्य को और तेज, पारदर्शी एवं प्रभावी बना सकते हैं।
निधि दुआ ने कहा कि आने वाले समय में ई-फाइलिंग और डिजिटल कार्यप्रणाली न्याय व्यवस्था की रीढ़ साबित होगी। इसके जरिए समय और श्रम की बचत के साथ-साथ मामलों का शीघ्र निपटारा भी संभव होगा।

30 अधिवक्ता होंगे शामिल

प्रशिक्षण हेतु चयनित 30 अधिवक्ताओं की सूची जारी की गई है, जिनमें दुर्ग, पाटन, लिलाई और धमधा क्षेत्र के अधिवक्ता शामिल हैं।अधिवक्ता पुरुषोत्तम सोनारे और उत्तम चौधरी, शशि रेखा, सरिता मिश्रा, मोहम्मद ससीद, मोनिका सिंह, सुधीर महावदानी, मंजूल कुमार सोनी, सीमा हिरवानी, सुभा वर्मा, दानिश परवेज, गोपाल कृष्ण अवले सहित अन्य अधिवक्ता शामिल हैं।

लंच की व्यवस्था भी

न्यायालय प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं के लिए लंच की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही अधिवक्ताओं को 30 अगस्त 2025 को पूर्वान्ह 11:55 बजे तक समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।

डिजिटल न्यायिक प्रणाली की ओर मजबूत कदम

यह आयोजन दुर्ग न्यायालय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षण से अधिवक्ताओं को तकनीकी दक्षता प्राप्त होगी, जिससे न्यायालयीन कार्य और अधिक तेज, पारदर्शी व सुगम हो सकेगा।

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