तखतपुर/ डी.ए.वी.सी. ए.ई एवं रीजनल ट्रेनिंग सेंटर छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देवरीखुर्द बिलासपुर में दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का भव्य आयोजन का शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थान के प्रमुख, उप क्षेत्रीय अधिकारी, प्रशिक्षन समन्वयक प्रमुख व प्राचार्य डीएवी पब्लिक स्कूल हुडको श्री प्रशांत कुमार जी के कुशल दिशा निर्देशन में कुल चार जोन के साथ यहाँ कार्यशाला प्रारंभ हुआ है जिसमें जोन ए उप क्षेतीय अधिकारी श्री प्रशान्त कुमार जी, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी जोन जी श्री प्रमीत जैन जी, व सहायक क्षेत्रीय अधिकारी जोन-डी डॉ बी पी साहू जी, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी जॉन जे के एन मिश्रा जी के मार्गदर्शन व सहयोग से दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शानदार शुभारंभ हुआ।इस कार्यशाला हेतु डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देवरी खुर्द में छत्तीसगढ़ के कुल 9 जिलों जिसमे बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा,गरियाबंद, रायगढ़, बलौदाबाजार, जांजगीर चाम्पा, गौरेला -पेंड्रा-मरवाही कवर्धा के कुल 22 डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों के लगभग 160 अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रशिक्षित होने के लिए शामिल हुए। प्रशिक्षित करने के लिए डीएवीसीएई के द्वारा प्रशिक्षित 18 मुख्य प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। तथा इन सभी डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों के प्राचार्य गण भी इस आयोजन में विषय समन्वयक के रूप में भी शामिल हुए हैं। यह कार्यक्रम दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला 26 दिसम्बर एवं 27 दिसम्बर को यह आयोजन किया जा रहा हैं। जिसमें कुल 13 विषयों जिसमें केमेस्ट्री, बायलॉजी, फिजिकस, मैथ, साइंस, एस एस टी, इंग्लिश , हिंदी एवं प्रारंभिक ब्यवस्था एवं अवस्था (ई.ई.डी.पी.) सभी के सानिध्य में सर्वप्रथम वैदिक हवन यज्ञ व डी ए वी गान के साथ कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में मुख्य भूमिका अदा करने वाले सहायक क्षेत्रीय अधिकारी श्री परमीत जैन जी ने अपने उद्बोधन में सभी को कुशल प्रशिक्षण हेतु व सहभागिता निभाने के लिए प्रशिक्षु प्रतिभागियों को प्रेरित किए व विभिन्न जानकारी देते हुए इस कार्यशाला में शामिल हेतु सभी को शुभकामना प्रेषित किए। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों से विषय शिक्षकों को विभिन्न कौशलों से संबंधित जानकारी व बच्चों की प्रतिभा में निपुणता व गुणवत्ता लाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा हैं प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य इन प्रशिक्षिको को इस ट्रेनिगं के माध्यम से बच्चों का परीक्षाओ की तैयारी कैसे हो? तनाव मुक्त शिक्षा प्रणाली व तैयारी कैसे हो? छात्रों का रिवीजन कक्षा कैसे हो? नए नए एम सी क्यू प्रश्नों का तैयारी कैसे हो? एवं उलझनों से भरे प्रश्नों का हल कैसे हो? इस तरह के प्रमुख समस्याओं का क्षमता संवर्धन कार्यशाला के माध्यम से समस्या का समाधान बताया जा रहा है एवं शिक्षण कार्य को और भी रुचिकर लाभकारी बनाया जा सकता हैं। कार्यशाला से बच्चों की शिक्षा को गुणवत्ता प्रदान करने की एक अनूठी एवं अच्छी पहल किया जा रहा हैं।विभिन्न विद्यालयों से आए प्रशिक्षणार्थियों ने बहुत ही अच्छे वातावरण में सीखने सिखाने की प्रक्रिया को जाना तथा अनेकों समस्याओं को उनके संवर्धन निर्माण में समस्याओं का निराकरण भी किया जा रहा है,दो दिवसीय क्षमता संवर्धन निर्माण कार्यशाला में उपस्थित डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल के लगभग 160 से अधिक विभिन्न विषयों के शिक्षक शिक्षिकाएं लाभान्वित हो रहे हैं।कार्यक्रम के आयोजन स्थल प्रभारी एवं प्राचार्य विनय कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में बताया की “सा विद्या या विमुक्तये” अर्थात शिक्षा वह है जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे. इस उक्ति में उन्होंने यह बताया कि आज का यह युग जब विज्ञान के इस युग में सारी दुनिया इनफॉरमेशन अर्थात ज्ञान के पीछे दौड़ रही है ऐसे समय में विद्या और इनफॉरमेशन अर्थात् शिक्षा और इनफॉरमेशन में अंतर करना बहुत जरूरी है यह हम सभी शिक्षकों के लिए एक चुनौती पूर्ण भरा कार्य है. उन्होंने फ्रिट जॉप कापरा की पुस्तक “द ताओ ऑफ़ फिजिक्स” का उदाहरण देकर बताया कि किस तरह फिजिक्स के ज्ञान से एक विचारक और भौतिक शास्त्री ज्ञान को उपलब्ध हुए. हम अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सकें इसके लिए इस क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का हम पूर्ण रूप से उपयोग कर सकें और स्वयं को बेहतर बना सकें इसके लिए यह कार्यक्रम बहुत उपयोगी सिद्ध होने वाला है. साथ हीप्रशिक्षित प्रतिभागिया अपने-अपने विद्यालयो में जाकर बच्चों की चौमुखी विकास के लिए वरदान साबित होंगी। इस आयोजन में डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देवरीखुर्द के प्राचार्य श्री विनय कुमार श्रीवास्तव व उनकी पूरी विद्यालय परिवार व शिक्षक शिक्षिका इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान कर रहें हैं।









