छत्तीसगढ़ बिलासपुर। डीजे और साउंड बॉक्स के तेज शोर से आम लोगों को हो रही परेशानी पर अब बड़ा एक्शन होगा। हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर हुई सुनवाई में राज्य शासन ने सख्त जवाब दिया है।
शासन ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कॉलाहल अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। नए प्रावधानों के तहत अगर नियमों का उल्लंघन हुआ तो पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
लेजर और बीम लाइट पर भी रोक
सुनवाई में यह भी सामने आया कि लेजर और बीम लाइट से भी लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। खासकर रात के समय इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है।
पब्लिक की शिकायत पर एक्शन
रायपुर और बिलासपुर सहित कई शहरों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों में डीजे के शोर और तेज लाइट से लोगों की नींद और स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने पर पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी होगी।
अब डीजे, साउंड बॉक्स और लेजर लाइट का बेतरतीब इस्तेमाल करने वालों को सावधान रहना होगा, क्योंकि नियम तोड़ने पर भारी पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है।








