दुर्ग! जिला दुर्ग के जामुल थाना क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसे सुनकर आप कहेंगे – “ये तो फिल्मी विलेन भी शरमा जाएं!”
हुआ कुछ यूं कि दीपक त्रिपाठी नामक सज्जन, जो राम नगर वैशाली नगर के आज़ाद चौक के निवासी हैं, 23 जुलाई को अपने दोस्त की मासूमियत पर इतना भरोसा कर बैठे कि सीधा ले गए गोकुलधाम।
अब गोकुलधाम सुनते ही आपको लगेगा कि कोई भक्ति भाव से भरा स्थान होगा… लेकिन नहीं! यहां पहले से ही खड़ा था उनका ‘पुराना दोस्त’ देवपाल पर्वत, जो बिलकुल “गली बॉय” के स्टाइल में इंतजार कर रहा था। और क्या किया? आते ही बोले – “मोबाइल और पैसा निकाल!”
और फिर 6,000 रुपये की ‘झपटी लीला’ हो गई शुरू।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… दीपक बाबू सीधे पहुंचे जामुल थाना, और पुलिस ने भी सिंघम मोड में आकर मामले को लिया संज्ञान में।
मुखबिर ने भी काम किया फिल्मी स्टाइल में –
“सर… दो लोग हैं… राम नगर में… जेब में 6 हज़ार चमक रहा है!”
बस फिर क्या था!
राजेश मिश्रा एंड टीम ने किया घेराबंदी, और देवपाल पर्वत व संदीप सिरोमणी को पकड़ लिया जैसे CID वाले Daya दरवाज़ा तोड़ते हैं!
दोनों ने किया गुनाह कबूल,
6000 रुपए की रकम हुई बरामद,
और दोनों को सीधा किया न्यायिक रिमांड का टिकट बुक।
अब झपटमारों की जोड़ी बनी “छोटे-मोटे रॉबिनहुड” – मगर बिना हीरोइन, बिना बाइक स्टंट और बिना सफलता के!
टीम के सुपरकॉप्स
Case No. 608/2025
धारा: 304(2), 351(3), 3(5) BNS
जप्ती: पूरे 6,000 रुपए – (सिर्फ़!)
राजेश मिश्रा जी और उनकी ‘क्राइम फाइटर टीम’: चेतमान, रत्नेश, रूपनारायण, तिरिथ, राधेलाल और दीपक सिंह – सबने दिखाया ‘रियल हीरो’ कौन होता है!
सबक
“दोस्त के नाम पर जो गोकुलधाम बुलाए – पहले लोकेशन गूगल मैप पर देख लो!”








