छुईखदान ! छुई खदान नगर मे खाटू श्याम बाबा के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मंगलवार को पालकी यात्रा निकाली गई। बाबा खाटू श्याम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय में हो गया। इस दौरान श्रद्धालु नाचते गाते हुए चल रहे थे।
इसमें श्याम भक्त बाबा के भजनों पर झूमते हुए नजर आए। आरती के साथ पालकी की शुरुआत हुई, जिसका शहर में भ्रमण करने के बाद शहीद पार्क के सामने में पालकी का समापन हुआ।खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की देव उठनी एकादशी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है केक काटकर बाबा का जन्मदिन मनाया गया।देवउठनी को ही क्यों मनाया जाता है जन्मदिन- बर्बरीक (खाटू श्याम) के महान बलिदान से काफी प्रसन्न होकर श्री कृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया कि कलियुग में तुम श्याम नाम से जाने जाओगे।

वरदान देने के बाद उनका शीश खाटू नगर (वर्तमान राजस्थान राज्य के सीकर जिला) में विराज मान है इसलिये उन्हें खाटू श्याम बाबा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि एक गाय उस स्थान पर आकर प्रतिदिन अपने स्तनों से दुग्ध की धारा स्वतः ही बहा रही थी। बाद में जब उस स्थान की खुदाई हुई तो वहां पर शीश प्रकट हुआ, जिसे कुछ दिनों के लिये एक ब्राह्मण को सौंप दिया गया है।
एक बार खाटू नगर के राजा को स्वप्न में मन्दिर निर्माण के लिये और वह शीश मन्दिर में सुशोभित करने के लिये प्रेरित किया गया। तो उस स्थान पर मन्दिर का निर्माण किया गया और कार्तिक माह की एकादशी को शीश मन्दिर में सुशोभित किया गया। इसीलिये हमेशा देवउठनी एकादशी को ही श्री खाटूश्याम जी का जन्मदिन मनाया जाता है।








