एनएचएम कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान समान कार्य के लिए समान वेतन समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज
दुर्ग ! छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 कर्मचारी 16 और 17 जुलाई को दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल एनएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर अपनी 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में की जा रही है। हड़ताल का असर राज्य के सभी जिलों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में देखने को मिलेगा।
मुख्य मांगे:
एनएचएम कर्मियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, ग्रेड पे, नौकरी की सुरक्षा, अनुकंपा नियुक्ति, चिकित्सा अवकाश, मेडिकल बीमा जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे एनएचएम स्टाफ को न तो स्थायीत्व मिला है और न ही वे सामाजिक सुरक्षा की बुनियादी सुविधाओं के हकदार हैं।
ज्ञापन सौंपा गया:
हड़ताल से एक दिन पहले, 15 जुलाई को दुर्ग जिला अस्पताल में एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने सिविल सर्जन डॉ. आशीषन कुमार मिंज को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला एनएचएम अध्यक्ष डॉ. आलोक शर्मा सहित डॉ. ओ. पी. वर्मा, योगेश चंद्राकर, ललित कुमार साहू, कविता ताम्रकार, हिमांशु चंद्राकर, पूजा शर्मा, नेहा वर्मा, हिमरानी साहू, त्रिलोक चंद, वेगु गजपाल और रविना जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे।

108 एंबुलेंस सेवा भी प्रभावित:
जिला चिकित्सालय दुर्ग से 108 एंबुलेंस सेवा के अधिकारी व कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल होंगे, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है।
और लैब जांच (लेब टेस्ट) जैसी अहम सुविधाएं भी बंद रहेंगी
एनएचएम संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार द्वारा उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।








