रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग (IPS) एवं उपनिरीक्षक डॉ. संकल्प राय द्वारा लिखित शोध पत्र “Artificial Intelligence and Policing in India: Advancements, Ethical Implications, and Future Directions” को ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D), नई दिल्ली की प्रतिष्ठित पत्रिका “The Indian Police Journal” (Special Edition on Artificial Intelligence in Policing, Jan–June 2025) में प्रकाशित किया गया है।
यह शोध पत्र पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की भूमिका, उसके लाभ, चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित है। इसमें Predictive Policing, Facial Recognition, Crime Mapping, Data Analysis जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के उपाय सुझाए गए हैं। साथ ही, निजता (Privacy), पारदर्शिता (Transparency) और नैतिक मूल्यों (Ethical Values) के संतुलित उपयोग पर भी जोर दिया गया है।
IG गर्ग की तकनीकी पहल – “सशक्त” और “Trinayan”
आईजी रामगोपाल गर्ग पुलिसिंग में तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए देशभर में जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में विकसित “सशक्त” और “Trinayan” ऐप्स का उपयोग दुर्ग रेंज ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में हो रहा है।
सशक्त ऐप की मदद से पिछले 6 महीनों में 100 से अधिक चोरी के वाहन बरामद किए जा चुके हैं।


Trinayan ऐप ने पुलिस को कई मामलों में तुरंत CCTV फुटेज उपलब्ध कराकर जांच को आसान बनाया है।
डॉ. संकल्प राय की भूमिका
उपनिरीक्षक डॉ. संकल्प राय भी दुर्ग रेंज में आईजी गर्ग की तकनीकी पहलों को ग्राउंड लेवल पर लागू करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने शोध कार्य और नवाचारों को वास्तविक पुलिसिंग में उतारने का महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का गौरव
यह उपलब्धि न केवल दुर्ग रेंज पुलिस बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस बल के लिए गर्व का विषय है। साथ ही, भारतीय पुलिसिंग को तकनीकी दृष्टिकोण से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण योगदान है।








