दुर्ग। दुर्ग जिले के उन शिक्षकों पर गाज गिर गई है जो स्कूल समय में पढ़ाई छोड़कर हर्बल लाइफ के ऑनलाइन सेशन और नेटवर्किंग बिज़नेस में लगे थे। यह कार्रवाई तब हुई जब आगाज़ News और वेब पोर्टल पर इस मामले को उजागर किया गया। खबर का असर इतना तेज़ रहा कि जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अरविन्द कुमार मिश्रा ने तुरंत संज्ञान लिया, जांच कराई और दोषी पाए जाने पर निलंबन व अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की।
जांच में हुआ खुलासा
धमधा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा की रिपोर्ट में पाया गया कि
व्याख्याता लोमन वर्मा (शास. उ.मा.वि. घोटवानी)
बलदाउ पटेल (सीएसी संकुल केन्द्र बोरी, मूल पद-शिक्षक एलबी)
मुकेश चतुर्वेदी (शास. पूर्व माध्य. शाला दनिया, शिक्षक एलबी)
खिलेश्वरी चतुर्वेदी (शासकीय प्राथ. शाला फुण्डा, सहायक शिक्षिका)
स्कूल समय में हर्बल मीटिंग्स और सोशल मीडिया पर उत्पादों का प्रचार-प्रसार करते थे।
कार्रवाई की गाज
सहायक शिक्षिका खिलेश्वरी चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
व्याख्याता लोमन वर्मा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर को भेजा गया।
बलदाउ पटेल और मुकेश चतुर्वेदी पर कार्यवाही हेतु प्रस्ताव संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग को भेजा गया।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
डीईओ मिश्रा ने कहा कि “शिक्षक का पहला धर्म शिक्षा देना है। बच्चों की पढ़ाई से समझौता करने वालों पर अब कठोर कार्रवाई होगी।”








