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“कैमरा चोरों की कैद में कैमरे की नजर!”

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जामुल से एक ऐसी खबर आई है जो सीरियस होकर भी सिरीयसली मजेदार है!
जी हां, अब चोरों की चोरी भी कैमरे से नहीं बच पाई, क्योंकि चुराया गया कैमरा खुद चोरों की चोरी की पूरी LIVE रिकॉर्डिंग कर रहा था!


घटना का केंद्र – जामुल थाना क्षेत्र, पुरानी बस्ती छावनी।
दिनांक – 28 जून की रात, जब सारे शरीफ लोग गहरी नींद में थे, तभी दो “अति चालाक” युवक अपनी “रात की ड्यूटी” निभा रहे थे।

प्रस्तावना:
श्रीमान चन्द्रशेखर तिवारी जी, निवासी पुरानी बस्ती, रोज रात को चैन की नींद सोते थे। लेकिन क्या पता था कि उनके घर के बाहर बैठा नन्हा सा कैमरा (CCTV) ही रात को ड्यूटी छोड़कर, खुद ही चोरी हो जाएगा।
सुबह उठे तो कैमरा गायब!
“ना कैमरा, ना रिकॉर्डिंग, और ऊपर से चोर कैमरा लेकर उड़ गया।”


अब आगे की कहानी बिल्कुल CID स्टाइल में…

जामुल पुलिस को जैसे ही शिकायत मिली, तुरंत अपराध क्रमांक 511/2025 दर्ज किया गया।
धारा लगी – 305 और 3(5) BNS, मतलब चोरी भी और कानून भी नया!


अब पुलिस ने कहा –
“हमसे बचकर कहां जाओगे चोरों… हम वो हैं जो CCTV के सीने से भी सीना जोड़ा करते हैं।”


जांच टीम एक्शन में आई –
थाना प्रभारी राजेश मिश्रा और उनकी सुपर टीम ने आस-पास लगे कैमरे खंगाल डाले।

और फिर…
जो वीडियो फुटेज में दिखा, वो देखकर सबकी हंसी छूट गई।
दो युवक चेहरे ढंककर कैमरा खोलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कैमरा चालू था – सब रिकॉर्ड हो रहा था।

बिलकुल वैसा ही जैसे कोई चोर ATM तोड़ने आए और कैमरा बोल पड़े – “भाई थोड़ा इधर मुंह कर, फोटो धुंधली आ रही है।”

चोरों की पहचान –

1. विक्की सिंह – उम्र 27 वर्ष,
निवास – छावनी बस्ती, जामुल
शौक – कैमरा हटाओ अभियान का अध्यक्ष!


2. समीर खान उर्फ सम्मी – उम्र 20 वर्ष,
निवास – छावनी बस्ती,
शौक – गुपचुप में चोरी, और CCTV से नफरत।


पुलिस की एंट्री –

दोनों को हुलिए के आधार पर घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
पूछताछ में जब पूछा गया –
“काहे चुराए हो कैमरे?”
तो बोले –
“साहब, कैमरा बहुत दिनों से हमें घूर रहा था, घूरना मना है!”

और दूसरा बोला –
“हम तो बस कैमरा चुराकर प्राइवेसी वापस ला रहे थे।”

बरामद मशरूका –
पुलिस ने दोनों से चुराया गया कैमरा भी बरामद कर लिया, जो अब खुद पुलिस को देख रहा है, जैसे कह रहा हो – “Thanks भाई, मुझे इनसे आज़ाद कर दिया!”



इस मस्त-मस्त मिशन में विशेष योगदान रहा –
निरीक्षक राजेश मिश्रा,
सउनि केसेन्द्र चौहान,
आरक्षक रूपनारायण बाजपेयी,
चंद्रभान यादव, चंदर सिंह,
चंद्रप्रकाश पांडेय और संजय मिश्रा जी का,
जिन्होंने इस ‘कैमरा छूटाओ’ अभियान को ‘चोर पकड़ाओ’ मिशन में बदल दिया।



न्यायिक रिमांड:
अब दोनों कैमरा प्रेमी चोरों को जेल के नए कैमरों के सामने रहने का मौका मिला है।
जेल के CCTV से अब उनका ‘रियलिटी शो’ भी शुरू हो चुका है –


“जेल डायरीज – कैमरे से कैमरे तक”



निष्कर्ष:


इस खबर से हमें यह सिख मिलती है कि –
“जो कैमरा चोरी करता है, वह खुद कैमरे में कैद हो जाता है।”
और पुलिस अगर ठान ले, तो चोर चाहे जितना स्मार्ट बने, CCTV उसकी लाइफ की पूरी मूवी बना ही देता है।



इति सीरियसली मजेदार कथा
जामुल पुलिस को सैल्यूट और चोरों को – थोड़ा ब्रेन इस्तेमाल करने की सलाह!

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