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Politics:अंधेरे में डूबा नगर निगम! लाखों के दो टेंडर हुए, फिर भी त्योहार बीते बिना रोशनी

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रिसाली। नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दिवाली और दशहरा से पहले 5 लाख 5 लाख रुपये के दो टेंडर जारी किए गए, लेकिन इन टेंडरों के तहत कहाँ-कहाँ लाइट लगी, इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

स्थिति यह है कि नया टेंडर जारी होने के महीनों बाद भी एक भी नई स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई।
दशहरा और दिवाली अंधेरे में गुज़र गए और अब नया वर्ष भी बिना रोशनी के आने वाला है।



MIC रोहित धनकर का बड़ा बयान निगम में ताला लगा दो अगर कोई काम नहीं हो सकता तो

MIC रोहित धनकर ने निगम पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा

मेरे वार्ड के लोग लगातार अंधेरे में हैं। त्योहार निकल गए, पर एक भी लाइट नहीं लगी। अगर वार्ड की लाइट नहीं लगा पा रहे, तो जनता के बाकी काम कैसे होंगे?



उन्होंने आगे आरोप लगाया कि नगर निगम बीजेपी सरकार के अधीन चल रहा है जो

उद्योगपतियों की सुनती है… गरीब जनता की नहीं।


दो साल में नहीं मिला मूलभूत सुविधा रोहित धनकर का तीखा सवाल

रोहित धनकर ने कहा कि बीजेपी सरकार को बने दो साल हो चुके हैं, लेकिन

न नाली ठीक हुई,

न सड़कें सुधरीं,

और न ही किसी तरह का संधारण कार्य हुआ।


उन्होंने तंज करते हुए कहा

सरकार बदलते ही,जनता की परेशानियाँ बढ़ी।



टेंडर जारी  काम ग़ायब: रोहित धनकर ने उठाए गंभीर सवाल

रोहित धनकर ने 10 लाख रुपये के दोनों टेंडरों पर भी सवाल खड़े किए

दिवाली दशहरा से पहले 5–5 लाख के दो टेंडर हुए…

कहाँ लाइट लगाई गई?
किस वार्ड में काम हुआ?
इसकी जानकारी तक नहीं!


आयुक्त का बयान  हमारे पास पैसा नहीं है

जब निगम आयुक्त से पूछा गया कि लाइट क्यों नहीं लगाई जा रही, तो उनका जवाब था:

निगम के पास पैसा नहीं है।



रोहित धनकर ने इस पर कटाक्ष करते हुए सवाल खड़ा किया

अगर पैसा ही नहीं है, तो 10 लाख के टेंडर किस आधार पर जारी हुए? और नगर निगम आखिर कैसे चल रहा है?

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