ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । भारत सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत जिले के ग्राम साल्हेभाट में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। इस योजना ने विशेष रूप से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
पानी के लिए रोजाना संघर्ष
ग्राम साल्हेभाट निवासी श्रीमती राधाबाई उसेंडी के लिए पहले पानी की व्यवस्था करना बेहद कठिन कार्य था। उन्हें प्रतिदिन लगभग 250 मीटर दूर स्थित जल स्रोत से पानी लाना पड़ता था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चिलचिलाती धूप में यह कार्य उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों का अधिक व्यय होता था।
आजीविका पर पड़ता था असर
राधाबाई का परिवार मुख्य रूप से कृषि एवं सब्जी उत्पादन पर निर्भर है। पानी की कमी के कारण उनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई नहीं हो पाती थी, जिससे उत्पादन और आय दोनों प्रभावित होते थे।
नल-जल योजना से मिली बड़ी राहत
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल-जल’ योजना लागू होने से गांव में पाइपलाइन बिछाई गई और राधाबाई के घर तक नल कनेक्शन प्रदान किया गया। अब उनके आंगन में ही स्वच्छ जल उपलब्ध है, जिससे उनका जीवन सरल हो गया है।
समय की बचत, आय में बढ़ोतरी
अब राधाबाई को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। इससे उनके समय की बचत हो रही है, स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और वे अपने कृषि कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। उनके खेत अब पहले से अधिक हरे-भरे हैं और परिवार की आय में भी वृद्धि हुई है।
राधाबाई ने साझा किया अनुभव
राधाबाई बताती हैं, “पहले पानी लाना सबसे बड़ी समस्या थी, लेकिन अब घर में ही पानी मिलने से जीवन आसान हो गया है और हम अपने काम बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं।”
महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल
जल जीवन मिशन केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने, महिलाओं को सशक्त बनाने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।








