ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांव। भारत की महामहिम राष्ट्रपति के कथित अपमान के विरोध में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा कोण्डागांव जिला मुख्यालय के बस स्टैंड में का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए नाराजगी जताई।
बस स्टैंड में किया गया विरोध प्रदर्शन
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने इसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान बताया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संथाल समाज के बीच जाने से रोकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का भी अपमान है।
आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
सेवक राम नेताम ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और अपने समाज के बीच जाना उनका अधिकार और गौरव का विषय है। इस प्रकार की राजनीति आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने इसे केवल राष्ट्रपति का नहीं बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज का अपमान बताया।
कई भाजपा कार्यकर्ता रहे उपस्थित
विरोध प्रदर्शन के दौरान मनोज जैन, गोपाल दीक्षित, दयाराम पटेल, दीपेंद्र नाग, अजजा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष संगीता पोयाम, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष गोरखनाथ बघेल, महामंत्री बालसिंह बघेल, जितेंद्र सुराना, नागेश देवांगन, प्रदीप नाग, ईना श्रीवास्तव, सोनामणि पोयाम, सुषमा खोबरागड़े, अविनाश शोरी, आकाश नेताम, धन्सुदास, अंजोरी नेताम, मना मरकाम सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।








