
ब्यूरो रवि गहने जालबांधा (करमतरा)। खैरागढ़ जिले के ग्राम करमतरा स्थित प्राथमिक शाला में मंगलवार सुबह एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई, जब स्कूल के 18 छात्र-छात्राओं ने रतनजोत (जहरीला पौधा) के बीज खा लिए, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
स्कूल खुलने से पहले हुई लापरवाही

घटना दिनांक 06 जनवरी 2026 की है। स्कूल शुरू होने से पहले बच्चे परिसर और आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान स्कूल के पास लगे रतनजोत के पेड़ के फल को बच्चों ने फल समझकर खा लिया।
प्रार्थना के बाद बिगड़ी तबीयत
प्रार्थना सभा के बाद कक्षा में बैठते ही बच्चों को उल्टी और घबराहट होने लगी। स्थिति को गंभीर देख शिक्षकों ने तत्काल बच्चों के पालकों को सूचना दी और उन्हें नजदीकी करमतरा अस्पताल ले जाया गया।
एक के बाद एक बच्चे हुए बीमार
कुछ ही समय में एक के बाद एक कुल 18 बच्चों में उल्टी और कमजोरी के लक्षण सामने आए। सभी बच्चों को तुरंत उप-स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा में भर्ती कराया गया। संकुल समन्वयक को भी इसकी जानकारी दी गई।
चार बच्चों की हालत गंभीर, खैरागढ़ रेफर
डॉक्टरों के अनुसार चार बच्चों पर रतनजोत के जहरीले बीज का असर ज्यादा पाया गया, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए खैरागढ़ सिविल अस्पताल रेफर किया गया। बाकी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और सभी को निगरानी में रखा गया है।
गांव में मचा हड़कंप, पालक पहुंचे अस्पताल
घटना की खबर गांव में फैलते ही पालकों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। माता-पिता अपने बच्चों को लेकर बेहद चिंतित नजर आए।
ग्रामीणों की मांग: जहरीले पौधे हटाए जाएं
ग्रामीणों और पालकों ने मांग की है कि
स्कूल परिसर और आसपास की तत्काल जांच कराई जाए
रतनजोत जैसे जहरीले पौधों को तुरंत हटाया जाए
भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल
हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री लालजी द्विवेदी को नहीं दी गई। मीडिया के माध्यम से ही विभाग को घटना का पता चला, जिससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच में जुटी
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मामले की जांच लगातार जारी है। बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।








