ब्यूरो चीफ: रवि गहने खैरागढ़ जालबांधा। क्षेत्र के प्रमुख बाजार स्थित गांधी चबूतरा इन दिनों उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यहां स्थापित राष्ट्रपिता की प्रतिमा के आसपास अव्यवस्था का आलम है, जिससे स्थानीय नागरिकों में आक्रोश देखा जा रहा है।
जयंती पर याद, बाकी दिन अनदेखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांधी जी की प्रतिमा को सिर्फ 2 अक्टूबर को जयंती के अवसर पर ही याद किया जाता है। उस दिन साफ-सफाई, माल्यार्पण और भाषणों का दौर चलता है, लेकिन इसके बाद पूरे साल इस स्थल की सुध लेने वाला कोई नहीं होता।
दो साल में ही बदहाल हुई नई प्रतिमा
जानकारी के अनुसार, पुराने प्रतिमा को हटाकर 14 अगस्त 2024 को नई और बड़ी प्रतिमा का उद्घाटन किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि महज दो साल के भीतर ही प्रतिमा में दरारें पड़ने लगी हैं और आसपास लगे टाइल्स, पेंट व पॉलिश उखड़ने लगे हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गंदगी और प्रदूषण से बिगड़ रहा माहौल
गांधी चबूतरा के आसपास गंदगी और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से यह स्थल अपनी गरिमा खोता जा रहा है, जो कि राष्ट्रपिता के सम्मान के खिलाफ है।
नागरिकों की मांग—नियमित रखरखाव हो
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि गांधी चबूतरा की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ताकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति का सम्मान बना रहे और यह स्थल प्रेरणा का केंद्र बन सके।








