पितेश्वर हरपाल गरियाबंद । जिला कार्यालय में पदस्थ नगर सैनिक गोपीराम मिरी पर उसकी पत्नी ने बहुविवाह, प्रताड़ना, धोखाधड़ी और जानलेवा हमला करवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला राजिम थाना क्षेत्र का है और पीड़िता न्याय के लिए प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगा रही है।
पहली पत्नी के रहते की तीन शादियां, चौथी की भी तैयारी

रायपुर निवासी सुशीला रात्रे ने बताया कि गोपीराम ने खुद को अविवाहित बताते हुए
13 अप्रैल 2023 को उससे सामाजिक रीति से विवाह किया, लेकिन बाद में पता चला कि वह पहले ही दो महिलाओं से शादी कर चुका था।
पीड़िता का दावा है कि —
- पहली पत्नी: पायल सोनवानी — 1 बेटी, तलाक के बाद भी हर माह 5000₹ भरण-पोषण
- दूसरी पत्नी: बिना बाई धृतलहरे — शादी के बाद एक महीने में मारपीट कर घर से निकाला
- तीसरी पत्नी: सुशीला रात्रे — वर्तमान पीड़िता
- चौथी शादी: एक सामाजिक सम्मेलन में बायोडाटा लेकर पहुंचा, आरोप
पीड़िता पर जानलेवा हमला करने का आरोप
सुशीला ने आरोप लगाया कि
22 सितंबर 2025 को ग्राम बकली में गोपीराम और उसके परिजनों दयालू राम, जानकी बाई और कमली बाई—ने
उसके हाथ-पैर बांधकर जमीन पर पटक दिया और जानकी बाई ने मुंह पर कपड़ा दबाकर बेहोश करने की कोशिश की।
होश आने पर उसने राजिम थाने में एफआईआर दर्ज कराई,
लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अब वह उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रही है।
सरकारी कर्मचारी होते हुए भी जानकारी छिपाने का आरोप
सुशीला का कहना है कि गोपीराम ने शादी छिपाकर न सिर्फ
हिंदू विवाह अधिनियम का उल्लंघन किया, बल्कि
सरकारी सेवा नियमों के तहत भी यह गंभीर अपराध है।
पीड़िता ने एसपी गरियाबंद, नगर सेना मुख्यालय, महिला आयोग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को
लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
पहली और दूसरी शादी का पूरा रिकॉर्ड सामने आया
जांच में सामने आया कि
- पहली शादी पटेवा निवासी पायल सोनवानी से हुई थी, बेटी 8 वर्ष की
- दूसरी शादी 20 जनवरी 2021 को पचेड़ा निवासी बिना बाई से
- दोनों मामलों में घरेलू विवाद और प्रताड़ना के आरोप
पीड़िता का आरोप है कि सभी शादियों में झूठ बोलकर, धोखा देकर और प्रताड़ना कर संबंध बनाए गए।
थाने ने अपराध पंजीबद्ध किया, मामला न्यायालय में
एएसपी जितेंद्र चंद्राकर ने बताया कि
पीड़िता की शिकायत पर आरोपी गोपीराम मिरी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है
और मामला न्यायालय में लंबित है।
साथ ही विभागीय कार्रवाई नगर सेवा विभाग द्वारा की जाएगी।
बहुविवाह का गंभीर कानूनी पहलू
हिंदू विवाह अधिनियम के अनुसार
- पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी अवैध और दंडनीय अपराध
- सरकारी कर्मचारी होने पर निलंबन से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई संभव
- गलत जानकारी देकर विवाह छिपाना भी गंभीर अनुशासनहीनता








