दुर्ग। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के निर्देशन में दिनांक 09 नवम्बर 2025 को रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 320 से अधिक प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिनमें दुर्ग जिले के 181, बालोद के 102 और बेमेतरा के 44 प्रकरण शामिल थे।
बैठक के दौरान महिला संबंधी अपराध, पॉक्सो एक्ट, हत्या एवं हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और चिटफंड मामलों में दोषमुक्ति के कारणों की गहन समीक्षा की गई। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि विवेचना की गुणवत्ता में सुधार और अभियोजन के साथ बेहतर समन्वय से दोषसिद्धि दर में वृद्धि लाई जा सकती है।
आईजी गर्ग ने आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी जो बार-बार अपराध कर समाज में भय का माहौल बनाते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो। साथ ही, जो अपराधी जमानत पर रिहा होकर पुनः अपराध में संलिप्त हैं, उनकी जमानत निरस्त कराने की त्वरित पहल न्यायालय में की जाए।
बैठक में संयुक्त संचालक अभियोजन दुर्ग एस.एस. ध्रुव, उप संचालक दुर्ग भीम सिंह राजपूत, उप संचालक बालोद अनुरेखा सिंह, उप संचालक बेमेतरा अर्पणा अग्रवाल, एएसपी ज्योति सिंह, एएसपी मोनिका ठाकुर, डीएसपी बैजन्ती माला तिग्गा, डीएसपी भारती मरकाम, उप निरीक्षक राजकुमार प्रधान, एएसआई हेमंत त्रिपाठी, डाटा एंट्री ऑपरेटर तेजस्वी गौतम एवं पीआरओ प्रशांत कुमार शुक्ला उपस्थित रहे।
दुर्ग रेंज पुलिस ने 320 दोषमुक्ति मामलों की की गहन समीक्षा








