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बस्तर में 108 माओवादियों का आत्मसमर्पण, 3.29 करोड़ के इनामी कैडर मुख्यधारा में लौटे

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोण्डागांवजगदलपुर, 11 मार्च। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित शौर्य भवन, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर लालबाग में बुधवार को “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत एक महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े कुल 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इनमें 44 महिला माओवादी कैडर भी शामिल हैं। इन सभी पर मिलाकर करीब 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल अभियान) विवेकानंद, बीएसएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सिवांग नामग्याल, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक शालीन, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पुलिस महानिरीक्षक बी.एस. ध्रुव सहित बस्तर संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, केंद्रीय सुरक्षा बलों व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

माओवादी संगठन के कई बड़े पदाधिकारी शामिल

आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें

  • 05 डिवीजनल कमेटी सदस्य (DVCM)
  • 02 जोनल स्तर के PLGA कंपनी पदाधिकारी
  • 15 प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (PPCM)
  • 21 एरिया कमेटी सदस्य (ACM)
  • 63 पार्टी सदस्य (PM)

शामिल हैं। इस सामूहिक आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियानों की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

101 घातक हथियारों की बड़ी बरामदगी

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी और खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई कर कुल 101 घातक हथियार बरामद किए हैं। इनमें

  • 07 AK-47,
  • 10 INSAS राइफल,
  • 05 SLR,
  • 04 LMG,
  • 20 .303 राइफल,
  • 11 BGL लॉन्चर,
    सहित अन्य हथियार शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार यह बरामदगी माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर करने वाली कार्रवाई है।

नक्सलियों के डंप से करोड़ों की नकदी और सोना बरामद

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों के डंप से 3.61 करोड़ रुपये की नकदी और करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलोग्राम सोना भी बरामद किया है। बताया जा रहा है कि नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में एक ही स्थान से इतनी बड़ी राशि की बरामदगी पहली बार हुई है।

कई बड़े नक्सली नेताओं ने छोड़ा संगठन

आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन के कई प्रमुख कैडर भी शामिल हैं। इनमें

  • पश्चिम बस्तर डिवीजन के राहुल तेलाम, पण्डरु कोवासी, झितरु ओयाम,
  • पूर्व बस्तर डिवीजन के रामधर उर्फ बीरु,
  • उत्तर बस्तर डिवीजन के मल्लेश,
  • PLGA बटालियन नंबर 01 के मुचाकी,
  • आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के कोसा मण्डावी

जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं, जिन्होंने माओवादी विचारधारा की औचित्यहीनता को स्वीकार करते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।

“पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान का असर

पुलिस के अनुसार “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के सकारात्मक प्रभाव के कारण पिछले 26 महीनों में छत्तीसगढ़ में कुल 2714 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। वहीं 1 जनवरी 2024 से 9 मार्च 2026 तक बस्तर संभाग में 2625 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

आत्मसमर्पण करने वालों को मिलेगी सरकारी सहायता

राज्य शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से उन्हें समाज में सम्मानजनक पुनर्वास के लिए निरंतर सहयोग दिया जाएगा।

शेष नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील

इस अवसर पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. ने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर हथियार त्यागें और मुख्यधारा में लौटें। शासन उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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