ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। कोंडागांव, जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए समुदाय आधारित फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत पहला प्रकरण सफलतापूर्वक प्रारंभ किया गया है। इस पहल के तहत समुदाय से ही चिन्हित पालक परिवार और एक बच्चे को योजना से जोड़ा गया है। इसे बच्चों के पुनर्वास, पारिवारिक देखभाल और समुदाय आधारित बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बच्चों को मिलेगा सुरक्षित और पारिवारिक माहौल
फोस्टर केयर योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जो किसी कारणवश अपने जैविक परिवार के साथ नहीं रह पा रहे हैं। इससे बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को बेहतर अवसर मिलेंगे। जिले में समुदाय की सहभागिता से शुरू हुआ यह पहला प्रकरण समाज की बढ़ती जागरूकता और भागीदारी का उदाहरण भी है।
जिला बाल संरक्षण इकाई की रही अहम भूमिका
इस पहल को सफल बनाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेन्द्र सोनी के मार्गदर्शन और सतत प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में पात्र बच्चों एवं इच्छुक पालक परिवारों की पहचान कर योजना को धरातल पर उतारा गया। वहीं संरक्षण अधिकारी जयदीप एवं विभागीय टीम ने फील्ड स्तर पर समन्वय, दस्तावेजीकरण, परामर्श और आवश्यक प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया।
बाल कल्याण समिति ने निभाई जिम्मेदार भूमिका
जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सार्वा के नेतृत्व में समिति के सदस्यों रामधर कोर्राम, इन्द्रदेव शर्मा, नेमी चंद देवागन तथा प्रतिमा मिश्रा ने बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए प्रकरण के परीक्षण, अनुमोदन और समन्वय में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समिति ने विधिक प्रावधानों के अनुरूप संवेदनशीलता के साथ पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया।
तकनीकी मार्गदर्शन से मिली योजना को मजबूती
फोस्टर केयर CEAC के अंतर्गत संभागीय कार्यक्रम अधिकारी रमेश कुमार दास ने तकनीकी मार्गदर्शन एवं समुदाय आधारित मॉडल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सहयोग से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सकी।
अन्य जरूरतमंद बच्चों के लिए बनेगा प्रेरणा स्रोत
जिला प्रशासन और बाल संरक्षण तंत्र का मानना है कि समाज, प्रशासन और बाल संरक्षण संस्थाओं की संयुक्त भागीदारी से जरूरतमंद बच्चों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। समुदाय आधारित फोस्टर केयर का यह पहला प्रकरण आने वाले समय में जिले के अन्य जरूरतमंद बच्चों के लिए भी नई उम्मीद लेकर आएगा।








