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महिला आरक्षण बिल से महिलाओं का सशक्तीकरण, राजनीति में बढ़ेगी भागीदारी

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ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक सुश्री लता उसेण्डी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह कदम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा और इससे महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन आएगा।

राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की पहल

सुश्री उसेण्डी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, संतुलित और जवाबदेह बनाने का प्रयास है। उन्होंने इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र

उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था। इसके तहत 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की योजना लागू की जाएगी।

प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की पहल

सुश्री उसेण्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2003 से भाजपा सरकार ने महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शुरू हुई योजनाओं ने महिलाओं को समाज में मजबूत स्थान दिलाया।

महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक मजबूती

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने महिलाओं को राशन कार्ड में मुखिया बनाकर उन्हें सम्मानजनक स्थान दिया। पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

महतारी वंदन योजना से आर्थिक संबल

प्रदेश की वर्तमान सरकार महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये प्रदान कर रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। साथ ही महतारी सदन के निर्माण और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

भविष्य में बड़ा बदलाव संभव

सुश्री उसेण्डी ने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। आने वाले समय में यह पहल देश की मातृशक्ति के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।

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