ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ‘चावल महोत्सव’ के अवसर पर रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का संयुक्त आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास को गति देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।
आवास निर्माण समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य आवास योजनाओं के तहत स्वीकृत मकानों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने हितग्राहियों को किश्तों की जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और सभी आवास 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया।
तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जागरूकता के लिए तकनीकी उपायों को भी अपनाया जा रहा है। क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। अमृत सरोवरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड स्थापित किए गए हैं।
CLART ऐप से जल संरचना चयन में मदद
नवीन जल संरचनाओं के निर्माण के लिए CLART App के उपयोग की जानकारी एवं प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे उपयुक्त स्थान का चयन कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
मनरेगा और आजीविका गतिविधियों पर जोर
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और मांग के अनुरूप नए कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को निर्माण सामग्री आपूर्ति और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
जल संरक्षण के लिए ‘मोर-गांव-मोर-पानी’ अभियान
‘मोर-गांव-मोर-पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नए तालाब निर्माण की योजना बनाई गई। साथ ही आजीविका डबरी के माध्यम से आय वृद्धि के उपायों पर भी चर्चा की गई।
हर माह नियमित आयोजन के निर्देश
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अविनाश भोई ने निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की 7 तारीख को अनिवार्य रूप से ‘रोजगार दिवस’ और ‘आवास दिवस’ का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।








