ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । विकासखंड फरसगांव के ग्राम बैलगांव से जुड़े एक मामले में दो आदिवासी युवतियों को कथित रूप से बहला-फुसलाकर जबरन विवाह करने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद सर्व आदिवासी समाज में आक्रोश का माहौल है और समाज ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
क्या है पूरा मामला
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 23–24 मार्च 2026 को हितेश यादव द्वारा फूलवती नाग (गोंड) और यामिनी देहारी (हल्बा) को प्रेमजाल में फंसाकर सामाजिक परंपराओं के विरुद्ध ले जाकर विवाह करने का आरोप लगाया गया है।
समाज की परंपराओं पर ठेस
सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि इस घटना से उनकी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक मर्यादाओं को गंभीर ठेस पहुंची है। समाज के अनुसार बिना सामाजिक स्वीकृति के इस प्रकार का विवाह स्वीकार्य नहीं है।
मीडिया में प्रसार से बढ़ा असंतोष
समाज ने यह भी बताया कि इस घटना के विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में प्रसार से भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
आदिवासी समाज और यादव समाज के बीच आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। समाज ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
सर्व आदिवासी समाज ने शासन-प्रशासन से निम्न मांगें रखी हैं:
- मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
- दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
- आदिवासी समाज की परंपराओं और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए
- सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक एवं भड़काऊ प्रचार पर तत्काल रोक लगाई जाए
समाज अध्यक्ष का बयान
सर्व आदिवासी समाज फरसगांव के अध्यक्ष ईश्वर लाल कोर्राम ने कहा कि समाज इस घटना को गंभीरता से ले रहा है और न्याय की मांग करता है।








