ब्यूरो चीफ बन्नूराम यादव कोंडागांव । जिला पंचायत कोंडागांव के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए 27 मार्च को जनपद पंचायत कोंडागांव में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक “शिक्षा हेतु पंचायत अंतर्गत सहयोग एवं अभिसरण से किए गए कार्यों की समीक्षा” विषय पर केंद्रित रही।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति
बैठक में जनपद पंचायत कोंडागांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उत्तम महोबिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया और पंचायत स्तर पर शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को निरंतर जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
20 ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में कोंडागांव विकासखंड की 20 ग्राम पंचायतों— सोनाबल, मडानार, बोरगांव, बनियागांव, भीरागांव (ब), सातगांव, उमरगांव (अ), चिखलपुटी, समबलपुर, कुसमा, वनसिरसी, पलारी, कुम्हारपारा, बाफना, करंजी, चिलपुटी, चिपावंड, डोंगरीगुड़ा, सितली एवं नेवता— के सरपंच, सचिव और स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
PFE पहल और उपलब्धियों की समीक्षा
बैठक के दौरान पिरामल फाउंडेशन द्वारा संचालित PFE पहल का परिचय दिया गया। बेसलाइन और एंडलाइन आंकड़ों के आधार पर अब तक की प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा की गई। साथ ही, शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए समूह चर्चा के माध्यम से कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों द्वारा सत्रों का संचालन
कार्यक्रम का संचालन पिरामल फाउंडेशन टीम के प्रदीप कुमार राव (डिस्ट्रिक्ट लीड) एवं यास्मिन मेमन (प्रोग्राम लीडर) द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार व्यवहारिक सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया।
अप्रैल तक कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्णय
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि सभी ग्राम पंचायतें अप्रैल माह तक अपने-अपने क्षेत्र के अनुसार शिक्षा कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करेंगी। साथ ही, समुदाय की सक्रिय भागीदारी के साथ शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।








