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स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की जर्जर हालत पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा विभाग से मांगा शपथपत्र

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बिलासपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की खस्ताहालत को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने बलौदाबाजार जिले के सेंडरी प्राथमिक स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र के करंट से झुलसने और बिलासपुर जिले के 187 आंगनबाड़ी भवनों की जर्जर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी।

शपथपत्र के मुताबिक, 8 जुलाई को सेंडरी स्कूल में बारिश के पानी और पुरानी वायरिंग के कारण करंट दीवार में फैल गया था, जिससे छात्र खिलेश्वर पटेल झुलस गया। घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में वायरिंग बदली गई।

3 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर जिले में 187 आंगनबाड़ी भवन जर्जर हैं। इनमें से 95 को छोड़ने की सिफारिश हो चुकी है, जबकि 92 की जांच जारी है। कई भवन 30 साल पुराने हैं, तो कुछ 5 साल में ही टूट-फूट गए। 427 केंद्र किराए या सामुदायिक भवनों में संचालित हो रहे हैं।

हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि राज्य के 45 हजार से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है, और किसी बच्चे की जान की भरपाई पैसों से नहीं की जा सकती।

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