बलौदा बाजार से जितेंद्र पांडे की रिपोर्ट
बलौदाबाजार! वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए संवेदनशील माने जाने वाले बरनवापारा अभयारण्य क्षेत्र से प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। वन मंडल बलौदाबाजार के अंतर्गत आने वाला वन परिक्षेत्र कार्यालय कोठारी शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे पूरी तरह से बंद पाया गया। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय के न तो वन परिक्षेत्र अधिकारी जीवन साहू मौके पर मौजूद थे और न ही कोई अन्य कर्मचारी।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अधिकारी पिछले दो दिनों से कार्यालय नहीं आए हैं, जबकि कार्यालय पर लगातार ताले लगे हुए हैं। जब मीडिया टीम उनके सरकारी आवास पहुंची तो वहां सरकारी वाहन खड़ा मिला, लेकिन अधिकारी स्वयं अनुपस्थित थे।

यह स्थिति ऐसे समय में और भी चिंता जनक बन जाती है जब यह इलाका वन्य प्राणियों के नियमित आवागमन और स्थायी निवास का क्षेत्र है। ऐसे में अगर इस दौरान किसी वन्य जीव के साथ दुर्घटना या आपात स्थिति उत्पन्न होती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? यह सवाल अब वन विभाग के अधिकारियों के सामने खड़ा है।
इस घटना की सूचना बरनवापारा अभयारण्य अधीक्षक और बलौदाबाजार के वनमंडलाधिकारी को दे दी गई है। अब देखना होगा कि वे इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या ऐसे मामलों से भविष्य में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो पाएगी।
प्रशासन की चुप्पी चिंता का विषय है, और यह आवश्यक है कि उच्च अधिकारी इस मामले को तत्काल संज्ञान में लें और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई करें ताकि ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।









