गरियाबंद से नूतन साहू की रिपोर्ट
कलेक्टर बी.एस. उइके ने किया स्थल निरीक्षण, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
गरियाबंद ! देवभोग विकासखंड के 36 गांवों के हजारों ग्रामीणों के लिए राहत की बड़ी खबर है। तेल नदी पर स्थित बेलाट नाले में अब एक 90 मीटर लंबा उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जाएगा, जिससे बारिश के मौसम में भी निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा। इस पुल के निर्माण के लिए शासन ने 4 करोड़ 24 लाख रुपये की स्वीकृति दी है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने आज निर्माण स्थल बेलाट नाला पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया और निर्माण की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी और बारिश समाप्त होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
कलेक्टर उइके ने कहा,
“बेलाट नाले पर पुल निर्माण लंबे समय से जरूरी था। अब शासन की प्राथमिकता है कि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं शीघ्र मिलें। यह पुल क्षेत्र के विकास का आधार बनेगा।”
बरसात में होती थी परेशानी
बेलाट नाला में बारिश के दौरान जलस्तर अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे देवभोग मुख्यालय और नदी पार बसे गांवों के बीच संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। रपटे से बहाव तेज होने पर आवाजाही बंद हो जाती थी। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए अब पक्का पुल निर्माण की दिशा में तेज़ी लाई जा रही है।
स्कूल का भी किया औचक निरीक्षण
अपने देवभोग प्रवास के दौरान कलेक्टर उइके ने ग्राम कुम्हड़ईखुर्द स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा 8वीं के छात्रों से पढ़ाई की जानकारी ली, पाठ सुनवाया और स्कूल की अधोसंरचना का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री जी.आर. मरकाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया कि बारिश के मौसम में तेज बहाव के दौरान सभी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
विशेष बातें:
4.24 करोड़ की लागत से बनेगा पुल
36 गांवों को होगा सीधा लाभ
टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में
बारिश खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू
शिक्षा गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान
देवभोग के बेलाट नाला पर बनेगा 90 मीटर लंबा उच्च स्तरीय पुल, 36 गांवों को मिलेगा राहत








