Buy Advt. Space

खैरबना हत्याकांड: “टोनही” कहने की रंजिश में महिला की नृशंस हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

By




छुईखदान ! राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम खैरबना में “टोनही” कहने की रंजिश ने एक महिला की जान ले ली। 39 वर्षीय मोहिनी साहू की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का कारण सामाजिक अंधविश्वास और आपसी रंजिश बताया जा रहा है।

घटना का खुलासा:

दिनांक 26 जून 2025 को मोहिनी साहू की हत्या की सूचना खैरागढ़ पुलिस को मिली थी। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो मोहिनी की लाश खून से सनी हालत में उसके घर में मिली। प्रार्थी चंद्रेश साहू की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी खैरागढ़ और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। प्रारंभिक छानबीन में मृतिका की पड़ोसी सविता साहू और उसके परिजनों पर संदेह गहराया।

पूछताछ में उगला सच:

संदेह के आधार पर सविता साहू, उसकी बेटी जसिका साहू, और भतीजा दीपेश साहू से सघन पूछताछ की गई। शुरू में तीनों पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन अलग-अलग पहलुओं से गहन पूछताछ के बाद उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपियों ने स्वीकार किया कि मोहिनी साहू अक्सर सविता को “टोनही” और जादू-टोना करने वाली कहकर बदनाम करती थी। इससे सविता मानसिक रूप से आहत थी और बदला लेने की ठान ली।

हत्या की साजिश और क्रूर अंजाम:

26 जून की दोपहर लगभग 2 बजे जब मोहिनी घर में अकेली थी, तो तीनों आरोपी छत के रास्ते से घर में घुसे। सविता और जसिका ने मिलकर मोहिनी का गला जानवर बांधने वाली रस्सी से घोंटा, इसके बाद दीपेश ने धारदार हंसिया से उसके गले और चेहरे पर कई बार वार किया। मोहिनी की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद तीनों आरोपी खून से सने कपड़े धोकर खेत में होने का बहाना करते रहे। लेकिन पुलिस की सतत पूछताछ में उन्होंने सच्चाई उगल दी।

सबूतों की बरामदगी और गिरफ्तारी:

आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हंसिया और गाय बांधने की रस्सी (गेरुआ) बरामद कर ली गई है।

गिरफ्तार आरोपी:

1. सविता साहू, पति स्व. मानसिंह साहू, उम्र 39 वर्ष


2. जसिका साहू, पिता स्व. मानसिंह साहू, उम्र 19 वर्ष


3. दीपेश साहू, पिता शेरसिंह साहू, उम्र 24 वर्ष
(सभी निवासी ग्राम खैरबना, थाना खैरागढ़, जिला कवर्धा-छत्तीसगढ़)



तीनों आरोपियों को 2 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।



नोट: यह मामला अंधविश्वास से उपजे सामाजिक अपराध का जीवंत उदाहरण है, जो बताता है कि आज भी ग्रामीण इलाकों में “टोनही” जैसी कुप्रथाएं किस तरह निर्दोष लोगों की जान ले रही हैं। पुलिस द्वारा तत्परता से की गई कार्रवाई सराहनीय है।

Leave a Comment